खुदीराम बोस ने मात्र अठारह वर्ष की उम्र में अंग्रेजों के खिलाफ क्रांतिकारी गतिविधियों में भाग लिया था. मुजफ्फरपुर बम कांड में खुदीराम और प्रफुल्ल चाकी ने जिला जज डगलस किंग्सफोर्ड को निशाना बनाया था. बम हमले में किंग्सफोर्ड सुरक्षित बच गया लेकिन दो ब्रिटिश महिलाएं मारी गईं और क्रांतिकारी फरार हो गए थे.