माता महागौरी वृषभ की सवारी करती हैं. भगवान शिव ने मां महागौरी को अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया था. माता महागौरी को नारियल का या नारियल से बनी चीजों का भोग लगाया जाता है.