प्रशांत किशोर ने पदयात्रा और मीडिया के जरिए जनता तक पहुंच बनाई, लेकिन राजनीतिक अनुभव की कमी रही PK ने कई मुद्दों जैसे पलायन और गरीबी पर चर्चा की, पर कोई व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत नहीं किया गया PK ने महिलाओं के लिए कोई प्रासंगिक योजना नहीं बनाई, शराबबंदी समाप्ति का नारा महिलाओं को पसंद नहीं आया