16 फरवरी से 17 फरवरी तक, इन 24 घंटों में भारत समेत पड़ोसी राज्यों में 10 बार से ज्यादा बार भूकंप आ चुका है.
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सभी जगह भूकंप की तीव्रता 2.8 से 4.5 तक रही और सबसे ज्यादा गहराई इंडोनेशिया में 56 किलोमीटर तक रही.
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आपको बता दें कि भूकंप आने का कारण टैक्टोनिक प्लेटों की हलचल होती है. हमारी पृथ्वी यानी धरती 12 टैक्टोनिक प्लेटों पर टिकी हुई है.
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ये टैक्टोनिक प्लेटों लगातार धीमी गति से हिलती रहती हैं. जब ये खिसकती या हिलती हैं तो जो ऊर्जा निकलती है उससे झटके महसूस होते हैं और यही भूकंप के झटके कहलाते हैं.
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जिन जगहों पर भूकंप के झटके ज्यादा होते या कम होते हैं, उन सभी को खतरे के हिसाब से जोन में बांटा जाता है.
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भारत में 5 भूकंपीय जोन है, जो ज्यादा खतरे या कम खतरनाक के आधार पर बांटे गए हैं.
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इसके मुताबिक जोन-5 में आने वाले भारत के ऐसे 7 राज्य या जगहें हैं, जहां भूकंप बार-बार आते रहते हैं.
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इनमें शामिल है पूर्वी भारत, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात का कच्छ, उत्तर बिहार और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह.
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भारत की ये वो जगहें हैं जहां ज्यादा और बार-बार भूकंप आते रहते हैं.
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