नितिन और विनय की आपसी दुश्मनी लाइटिंग के धंधे से शुरू होकर गैंगवार में बदल गई थी विनय की हत्या के बाद पुलिस की दबिश तेज होने पर नितिन ने दिल्ली जाकर आत्मसमर्पण किया था नितिन अक्टूबर 2024 से अगस्त 2025 तक जेल में रहा और बाहर आने के बाद दुश्मनों से सतर्क रहा