उज्जैन में किन्नर अखाड़े ने पहली बार मां काली नंद गिरी को महामंडलेश्वर की उपाधि दी है जो 27 साल की हैं. मां काली नंद गिरी अंग्रेजी समेत कुल अठारह भाषाओं में दक्ष हैं और तंत्र साधना में पीएचडी धारिणी हैं. वे अघोरी परंपरा का पालन करती हैं और अपने वाहन में लगभग सत्तर सिद्ध खोपड़ियों को शक्ति का प्रतीक मानती हैं.