स्पाइसजेट ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का संज्ञान लिया है और ₹144 करोड़ जमा कराने के निर्देश का पालन करेगी. कंपनी ने यात्रियों को आश्वस्त किया कि कानूनी कार्रवाई से उड़ान सेवाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. यह विवाद एक शेयर ट्रांसफर समझौते से जुड़ा है जिसमें स्पाइसजेट और केएएल एयरवेज के बीच मामला है.