उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे लगभग बीस साल बाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक साथ एक मंच पर नजर आए थे. राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे के जन्मदिन पर मातोश्री जाकर पहली बार तेरह वर्षों बाद मुलाकात की. राज ठाकरे ने हिंदी भाषा विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए हिंदी थोपने को स्वीकार्य नहीं बताया था.