ओडिशा के केओंझार जिले में एक गरीब आदिवासी ने बहन के मृत कंकाल को बैंक में जमा ₹19,300 निकालने के लिए लाया था. बैंक ने खाताधारक के मौजूद न होने पर डेथ सर्टिफिकेट और कानूनी वारिस प्रमाण पत्र मांगे, जो जीतू के पास नहीं थे. जीतू मुंडा को दस्तावेज न होने के कारण बैंक से पैसे नहीं मिल सके, जिससे वह मजबूर होकर कंकाल लेकर बैंक गया.