28 मार्च को उसे जो गणित का पेपर मिला वह अन्य छात्रों से बिलकुल अलग था छात्रा का आरोप है कि उसे वर्ष 2016 का प्रश्न पत्र दिया गया छात्रा अमय्या की भी मांग है कि यह पेपर दोबारा होना चाहिए