महिला दिवस पर गौतम अदाणी ने परिवार की महिलाओं को जीवन, जिम्मेदारी व राष्ट्र निर्माण के नजरिए का आधार बताया. अदाणी ने अपनी मां शांताबेन के रामायण जैसी कहानियों से साहस, त्याग और कर्तव्य के मूल्य सीखने की बात कही. उन्होंने 16 वर्ष की उम्र में मुंबई जाकर अपने भविष्य को संवारने की मां के साहस से प्रेरणा लेने की बात कही.