उत्तराखंड के धराली में बादल फटने से हुई तबाही के पीछे ग्लेशियर की कमी में कमजोर मिट्टी और भारी लैंडस्लाइड. खीर गंगा नदी के उद्गम स्थल पर तीन जगहों पर लैंडस्लाइड हुई, जिससे भारी मलबा और पानी नीचे तेजी से आया. ग्लेशियर न होने के कारण ऊंचाई पर बारिश हो रही है, जिससे सात ताल में से कई ताल सूखे पड़े हैं.