दिल्ली सरकार ने स्कूल शिक्षा शुल्क निर्धारण बिल 2025 पेश किया है, जिससे फीस वृद्धि पर नियंत्रण लगेगा. बिल के अनुसार प्राइवेट स्कूल तीन साल में केवल एक बार फीस बढ़ा सकते हैं, स्कूल स्तर समिति की मंजूरी से. दिल्ली कैबिनेट ने मनमाने फीस वृद्धि पर दंड को सख्त करते हुए भारी जुर्माने का प्रावधान किया है.