जोरैन निज़ामानी ने "इट इज ओवर" शीर्षक से एक लेख लिखा, जिसे डिलीट करवा दिया गया था. इस लेख में उन्होंने पाकिस्तान युवाओं की निराशा का जिक्र किया था, डिलीट कराने के बाद भी यह वायरल हुआ. लेख में जोरैन ने कहा कि देशभक्ति भाषणों से नहीं बल्कि रोजगार और समान अवसर मिलने से उत्पन्न होती है.