वेनेजुएला 1970 के दशक में दुनिया के टॉप 20 अमीर देशों में शुमार था, काराकास लैटिन अमेरिका का पेरिस कहा जाता था तब यह चिली से दोगुना, जापान से चार गुना और चीन से 12 गुना अमीर था. बोलिवर मजबूत थी, विदेशी निवेश की भरमार थी. तेल ने वेनेजुएला को अमीर बनाया, लेकिन गलत और अदूरदर्शी राजनीतिक फैसलों ने उसी तेल को उसके पतन की वजह बना दिया.