शेख हसीना ने भारत में बांग्लादेश के राजनीतिक संकट को देश की संप्रभुता और संविधान के लिए अस्तित्वगत लड़ाई बताया उन्होंने मुहम्मद यूनुस पर देश को आतंक, अराजकता और विदेशी हितों के नियंत्रण में धकेलने का आरोप लगाया हसीना ने लोकतंत्र बहाल करने, सड़क हिंसा समाप्त करने, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की