ईरान में जब महिलाओं का बोलना भी अपराध था तब फोरूघ ने लिखा, "मैं पाप करती हूं, और पाप करते हुए जीना चाहती हूं." शिरिन ने अंतिम समय तक माफी नहीं मांगी. उन्हें वकील नहीं मिला. फांसी के बाद उनकी कब्र तक परिवार को नहीं बताई गई रोया हशमती ने हिजाब पहनने से इनकार कर दिया तो उन्हें 74 कोड़े मारे गए वहीं नसरीन सोतूदे आज भी जेल में बंद हैं.