पाकिस्तान का सार्वजनिक कर्ज सकल घरेलू उत्पाद के 70 प्रतिशत से अधिक हो गया है जो आर्थिक संकट का संकेत है. वित्त मंत्रालय ने बताया कि ऊंची ब्याज दरें और मुद्रा विनिमय में उतार-चढ़ाव कर्ज बढ़ने के मुख्य कारण हैं. हर पाकिस्तानी नागरिक पर कर्ज का बोझ 13 प्रतिशत बढ़कर करीब 3.33 लाख रुपये तक पहुंच गया है.