लुओ हाओ-ह्सिन कपिसा से आए भारतीय सेनापति थे, जिन्होंने तांग राजवंश में चीनी सेना में उच्च स्थान प्राप्त किया. तांग राजवंश के कठिन राजनीतिक और आर्थिक संकटों के बीच लुओ ने योग्यता से सम्राट के भरोसेमंद कमांडर बन गए थे. चू-त्जु विद्रोही के खिलाफ लुओ की निर्णायक जीत ने उन्हें प्रांतीय न्यायाधीश और युवराज के शिक्षक जैसे पद दिलाए.