होर्मुज खुलते ही कच्चे तेल की कीमतों पर असर पड़ सकता है और भारत जैसे बड़े आयातक देशों को फायदा मिल सकता है. खाड़ी क्षेत्र में फंसे करीब 9.3 करोड़ बैरल कच्चे तेल की सप्लाई तुरंत अलग-अलग देशों तक पहुंचेगी. शिप-ट्रैकिंग और डेटा एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म्स केप्लर के मुताबिक सप्लाई बढ़ने से तेल की कीमतें कम हो सकती हैं.