बुजुर्ग को उसके घर पहुंचाने में आधार कार्ड मददगार साबित हुआ. मानसिक हालात देखते हुए लोगों ने उन्हें भिखारी समझा था. बाद में पता लगा कि वह करोडपति व्यक्ति हैं.