UP SIR में 2.89 करोड़ नाम कटे, राजनीति तेज. प्रवासी, गरीब और सीमावर्ती जिलों में असर ज्यादा. बिहार चुनाव में SIR बड़ा मुद्दा नहीं बन सका था. क्या यूपी में राजनीतिक पार्टियां इसे मुद्दा बना सकेंगी?