मौनी अमावस्या पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को संगम नोज पर पालकी सहित स्नान करने से प्रशासन ने रोका था. शंकराचार्य ने बिना स्नान किए वापस लौटने का आरोप लगाया और प्रशासन से माफी मांगने की मांग की. प्रशासन ने कहा कि शंकराचार्य ने बिना सूचना दिए पुलिस बैरियर तोड़कर इमरजेंसी पुल से प्रवेश किया था.