पवित्र स्नान के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के रथ को सुरक्षा कारणों से आगे बढ़ने से रोका गया था प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए संगम नोज पर प्रवेश सीमित किया और बिना अनुमति रथ ले जाने पर आपत्ति जताई थी शंकराचार्य के समर्थकों ने प्रशासन के आदेश का पालन नहीं किया, जिससे पुलिस और समर्थकों के बीच धक्का‑मुक्की हुई