शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यूजीसी के जातिगत भेदभाव के नए नियम सनातन धर्म के विरुद्ध हैं। उन्होंने बताया कि ये नियम हिंदू समुदाय को विभाजित करने का षड़्यंत्र है और तत्काल वापस लिए जाने चाहिए शंकराचार्य के अनुसार सुप्रीम कोर्ट केवल संवैधानिक प्रावधानों की जांच कर सकता है, नियमों को बदलना संभव नहीं है