इलाहाबाद HC ने स्पष्ट किया कि धर्म परिवर्तन या इंटर-कास्ट शादी से किसी व्यक्ति की जन्मजात जाति खत्म नहीं होती. अपीलकर्ता दिनेश और अन्य 8 लोगों की याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने SC/ST एक्ट की क्रिमिनल अपील को नहीं माना. कोर्ट ने कहा कि विवाह के बावजूद महिला अपनी मूल जाति नहीं खोती और SC/ST पहचान बनी रहती है.