राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने पश्चिमी देशों पर बलशाली बनकर जड़वाद फैलाने का आरोप लगाया है भागवत के अनुसार भारत को विश्व गुरु बनने के लिए सभी क्षेत्रों में शक्तिशाली होना आवश्यक है ताकि दुनिया उसे माने उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य को व्यवसाय न मानते हुए इसे सभी के लिए सुलभ और मूलभूत आवश्यकता बताया है