'बलात्कार के मामलों में महिला का चरित्र नहीं हो सकता बचाव का आधार'
India
Updated: May 17, 2013
उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि बलात्कार के मामलों में महिला का चरित्र अप्रासंगिक हैं और कोई भी बलात्कारी इसे अपने जघन्य कृत्य में बचाव का आधार नहीं बना सकता। न्यायालय ने कहा कि स्वच्छंद विचारों वाली महिला को भी जीवन जीने का अधिकार है।
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