AI कंपनियां यूजर्स चैट पर लाखों डॉलर का बिजली खर्च करती हैं. एक चैटबॉट क्वेरी करीब 2.9 वॉट/घंटे बिजली लेती है. टेक दिग्गज AI सिस्टम के अनिवार्य रजिस्ट्रेशन और रेगुलेटर के पास 'किल स्विच' की मांग करते हैं. खुद निर्णय लेने वाले सिस्टम, गलत सूचना तेजी से फैलाने, साइबर सुरक्षा पर हमला करने जैसे तीन बड़े AI जोखिम हैं.