तमिलनाडु के उत्तिरामेरुर शिलालेखों में प्राचीन लोकतंत्र की विस्तृत चुनावी व्यवस्था का उल्लेख मिलता है कुदावोलाई प्रणाली में ताड़ के पत्तों पर उम्मीदवारों के नाम लिखकर निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित किया जाता था उम्मीदवारों की उम्र तीस से सत्तर वर्ष के बीच होनी चाहिए और उन्हें गांव में ज़मीन का मालिक होना आवश्यक था