सुप्रीम कोर्ट ने हेट स्पीच से संबंधित याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रखकर सभी पक्षों से लिखित दलीलें मांगी हैं. अब SC तय करेगा कि क्या भड़काऊ बयानबाजी पर लगाम के लिए दिशा निर्देश जारी किया जाए या व्यवस्था बनाई जाए. वकील निजाम पाशा ने कहा कि शिकायतों के बाद भी FIR दर्ज नहीं होतीं और होती भी हैं तो सही धाराएं नहीं लगाई जाती.