सुप्रीम कोर्ट के CJI सूर्यकांत ने घरेलू कामगारों के शोषण पर सेवा प्रदाता एजेंसियों की कड़ी आलोचना की सुप्रीम कोर्ट ने एक एजेंसी को प्रति कामगार 4000 रुपये दिए लेकिन कामगारों को केवल उन्नीस हजार मिले याचिका में घरेलू कामगारों को न्यूनतम मजदूरी कानून के दायरे में लाने और कल्याणकारी उपाय लागू करने की मांग की गई