सुप्रीम कोर्ट ने 30 सप्ताह की गर्भावस्था में गर्भपात की अनुमति देने वाला महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. अदालत ने कहा कि किसी महिला को उसकी इच्छा के बिना गर्भावस्था जारी रखने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है. यह फैसला 17 वर्ष की नाबालिग गर्भवती लड़की के मामले में आया है, जो अब 18 वर्ष से अधिक की हो चुकी है.