सोनिया गांधी ने बिना नागरिकता के मतदाता सूची में नाम जुड़ने के मामले में अदालत में जवाब दिया है. वकील विकास त्रिपाठी द्वारा दाखिल रिवीजन पिटीशन पर राऊज एवेन्यू कोर्ट में जवाब दाखिल किया गया. इसमें दावा है कि सोनिया गांधी ने 1983 में नागरिकता प्राप्त की जबकि 1980 की वोटर लिस्ट में पहले से उनका नाम था.