1990 में सोमनाथ से शुरू हुई आडवाणी की रथयात्रा BJP के जन-संगठन और बूथ आधारित राजनीति की पहली बड़ी परीक्षा बनी. तब संघ के कार्यकर्ता रहे नरेंद्र मोदी का संगठनात्मक कौशल इसी यात्रा में राष्ट्रीय स्तर पर पहचाना गया. वेरावल की खामोशी से जनसैलाब की वो कहानी जो आज भी भारतीय राजनीति की दिशा समझाती है.