23 नवंबर 2019 को फोन पर यह खबर मिली कि अजित पवार राजभवन में डिप्टी सीएम की शपथ ले रहे हैं. यह भूकंप की तरह था. अजित ने इसके बाद बातचीत में मेरी पत्नी प्रतिभा को बताया कि जो कुछ भी हुआ वह गलत था और नहीं होना चाहिए था. शरद पवार ने आत्मकथा 'लोक माझे संगति' में ये लिखा, पर बाद में ये भी बताया, "उन्हें दूसरा मौका देना एक गलती थी."