वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत की आर्थिक विकास दर सात प्रतिशत के करीब पहुंचने की संभावना है. आयकर सुधार, जीएसटी व्यवस्था में सुधार और श्रम न्यायालय लागू करने से अर्थव्यवस्था की गति में सुधार हुआ है. कस्टम ड्यूटी और वित्तीय क्षेत्र में सुधार आत्मनिर्भर भारत के लिए घरेलू आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाएंगे.