वर्तमान लोकसभा सीटों का आवंटन 1971 की जनगणना के आधार पर है और संवैधानिक रोक हटने के बाद बदलाव संभव है सरकार ने डीएमके और तृणमूल कांग्रेस सहित कई क्षेत्रीय दलों से परामर्श शुरू कर सहमति बनाने का प्रयास किया है क्षेत्रीय दलों के साथ बातचीत सकारात्मक रही है और विधेयक के लिए व्यापक सहमति बनने के बाद अगला कदम उठाया जाएगा