अय्यर ने खुद को गांधीवादी, नेहरूवादी और राजीववादी बताया लेकिन राहुलवादी मानने से इनकार कर दिया अय्यर ने इंदिरावाद को अस्वीकार किया क्योंकि वे इंदिरा गांधी के आपातकाल के तानाशाही कदम से पूरी तरह असहमत थे अय्यर ने कहा कि राजीव गांधी ने उन्हें PMO में काम करने का मौका दिया था, इसलिए वे राजीववादी कहलाते हैं