राज और उद्धव ठाकरे 1960 के संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन की याद दिलाकर शिवसेना के मूल विचारों की ओर लौट रहे हैं ठाकरे बंधु मुंबई को आर्थिक रूप से कमजोर करने की साजिश का आरोप लगाकर मराठी वोटर को एकजुट करना चाह रहे हैं. PM मोदी के नेतृत्व को 1960 के मोरारजी देसाई के दौर से जोड़कर राजनीतिक संयोग पर जोर दिया जा रहा है