ओम बिरला ने भारत के संसदीय संबंधों को मजबूत करने के लिए 60 से अधिक देशों के साथ संसदीय मैत्री समूह बनाए हैं इन संसदीय मैत्री समूहों में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के सांसद शामिल हैं जो विदेश जाकर संवाद स्थापित करेंगे कुल 64 देशों के लिए 11-11 सांसदों के समूह बनाए गए हैं जिनमें विपक्ष के 15 सांसद भी शामिल हैं