बी वी नागरत्ना ने कहा कि न्यायालय के फैसलों को केवल न्यायाधीशों के बदलने के कारण खारिज नहीं किया जाना चाहिए न्यायिक स्वतंत्रता और कानून की सर्वोच्चता राजनीतिक दबावों से कानून के शासन की रक्षा सुनिश्चित करती हैं न्यायपालिका की स्वतंत्रता को नागरिकों का अधिकार माना गया है जो कानून के शासन की गारंटी देता है