पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर का प्रसिद्ध रत्नभंडार 46 साल बाद 25 मार्च से खुलकर रत्नों की गिनती शुरू करेगा. मंदिर परिसर में किए गए ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार सर्वे में प्राचीन बस्तियों और संरचनाओं के संकेत मिले हैं. एमार मठ की खुदाई में मिली पुरातात्विक वस्तुएं गंगा राजवंश से संबंधित हो सकती हैं, जिससे जांच की मांग बढ़ी है.