पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर के रत्नभंडार की गणना 46 वर्षों बाद 25 मार्च से शुरू होगी और यह ऐतिहासिक कार्य होगा. गणना में दो जेमोलॉजिस्ट समेत विशेषज्ञ टीम शामिल होगी तथा पूरे कार्य का फोटोग्राफी और दस्तावेजीकरण किया जाएगा. गणना वर्ष 1978 की सूची के आधार पर होगी और पुराने रिकार्ड के साथ वर्तमान रत्नों का मिलान किया जाएगा.