यह समझौता केवल टैरिफ कट नहीं बल्कि सेवाएं, डिजिटल ट्रेड, मोबिलिटी, स्थिरता और उभरती तकनीक को भी शामिल करता है भारतीय वस्तुओं को यूरोपीय बाजार में 99 प्रतिशत से अधिक तरजीही प्रवेश मिलेगा जिससे निर्यात में भारी वृद्धि होगी समझौता मेक इन इंडिया को बढ़ावा देगा और ऑटोमोबाइल, कृषि, प्रोसेस्ड फूड सहित कई क्षेत्रों को लाभ पहुंचाएगा