PM मोदी ने भारत के ऊर्जा क्षेत्र में 500 अरब डॉलर के निवेश अवसरों का उल्लेख कर निवेशकों को आमंत्रित किया. भारत का 2030 तक खोज के क्षेत्र को 10 लाख वर्ग किलोमीटर तक बढ़ाने का लक्ष्य है. देश की तेल शोधन क्षमता 26 करोड़ टन है, जिसे बढ़ाकर तीस करोड़ टन प्रति वर्ष करने के प्रयास जारी हैं.