सुप्रीम कोर्ट ने यमुना नदी में बढ़ते प्रदूषण की अपनी स्वतः संज्ञान कार्यवाही को बंद कर दिया है. प्रदूषण नियंत्रण की निगरानी और अनुपालन की जिम्मेदारी अब राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण को सौंपी गई है. अदालत ने कहा कि बिना शोधन के सीवेज का नदियों में निर्वहन जल प्रदूषण निवारण अधिनियम के तहत निषेध है.