हरिद्वार के हर की पौड़ी और आसपास के घाटों पर कुछ लोग गंगा में दान वस्तुएं निकालकर रोजी-रोटी चलाते हैं. ये लोग सुबह छह बजे से शाम आठ बजे तक मौसम की परवाह किए बिना गंगा में डुबकी लगाकर सामान खोजते हैं. वे प्लास्टिक बाल्टी, PVC पाइप और चुंबक से बनाए देसी उपकरणों से सिक्के, सोना-चांदी और बर्तन निकालते हैं.