सरकार ने 2021-22 के बाद से मैट्रिक पूर्व, मैट्रिकोत्तर और मेरिट कम मीन छात्रवृत्ति योजना के लिए बजट नहीं दिया. प्रधानमंत्री के 15 सूत्री कार्यक्रम में 6 अधिसूचित अल्पसंख्यकों के कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए योजनाएं हैं. मैट्रिक पूर्व छात्रवृत्ति योजना के लिए 1378 करोड़ रुपये का सबसे अधिक बजट 2021-22 में आवंटित किया गया था.