उत्तराखंड के चारधाम यात्रा में अब तक 28 लाख से अधिक श्रद्धालु 19 अप्रैल से दर्शन कर चुके हैं. 31 मई तक चारधामों से 288 टन से अधिक कूड़ा-कचरा एकत्रित किया गया है जिसमें केदारनाथ का योगदान सबसे अधिक है. प्लास्टिक कचरा हिमालयी ग्लेशियर के आसपास जमा होकर तापमान बढ़ाने, ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने का कारण बनता है.